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(i) इस प्रश्न-पत्र के चार खंड हैं- क, ख, ग और घ।
(ii) चारों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
(iii) यथासंभव प्रत्येक खंड के उत्तर क्रमश: दीजिए।
Question 1
  • Q1

    प्रश्न-1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए-

    भारत में हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश को खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बनाना था, लेकिन इस बात की आशंका किसी को नहीं थी कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल न सिर्फ खेतों में, बल्कि खेतों से बाहर मंडियों तक में होने लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग खाद्यान्न की गुणवत्ता के लिए सही नहीं है। लेकिन जिस रफ़्तार से देश की आबादी बढ़ रही है, उसके मद्देनज़र फसलों की अधिक पैदावार ज़रूरी थी। समस्या सिर्फ रासायनिक खादों के प्रयोग की ही नहीं है। देश के ज्यादातर किसान परंपरागत कृषि से दूर होते जा रहे हैं। दो दशक पहले तक हर किसान के यहाँ गाय, बैल और भैंस खूँटों से बँधे मिलते थे। अब इन मवेशियों की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ले ली है। परिणाम स्वरूप गोबर और घूरे की राख से बनी कंपोस्ट खाद खेतों में गिरनी बंद हो गई। पहले चैत-बैसाख में गेहूँ की फसल कटने के बाद किसान अपने खेतों में गोबर, राख और पत्तों से बनी जैविक खाद डालते थे। इससे न सिर्फ खेतों की उर्वरा-शक्ति बरकरार रहती थी, बल्कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ के अलावा बेहतर गुणवत्ता वाली फसल मिलती थी।
    (क) हरित क्रांति अपने साथ क्या नहीं लाई-
        (i) खाद्यान्न के लिए आत्मनिर्भरता
        (ii) रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक
        (iii) परंपरागत खेती से किसानों की दूरी
        (iv) बेहतर गुणवत्ता वाली फसल

    (ख) गोबर खाद की विशेषता है- 
        (i) जैविक है और उर्वरा-शक्ति को बनाए रखती है।
        (ii) गाँव में गोबर आसानी से मिलता है।
        (iii) मंडी तक ले जाई जा सकती है।
        (iv) किसान की सर्वाधिक पसंद है।

    (ग) रासायनिक खाद की विशेषता नहीं है-
        (i) पैदावार बढ़ाना
        (ii) खाद्यान्न की गुणवत्ता बढ़ाना
        (iii) सस्ता होना
        (iv) सहज उपलब्ध होना
      
    (घ) रासायनिक खाद के अतिरिक्त किस प्रमुख समस्या का उल्लेख है?
        (i) किसानों का परंपरागत कृषि से दूर होना
        (ii) फसल की बिक्री के लिए मंडी उपलब्ध न होना
        (iii) ट्रैक्टर का बढ़ता उपयोग
        (iv) खेतों की उर्वरा-शक्ति नष्ट होना

    (ङ) गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है-
        (i) जहरीले कीटनाशक  
        (ii) हरित क्रांति
        (iii) गुणकारी फसल
        (iv) परंपरागत कृषि 

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  • Q2

    प्रश्न-2. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए-

    ताजमहल, महात्मा गांधी और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र - इन तीन बातों से दुनिया में हमारे देश की ऊँची पहचान है। ताजमहल भारत की अंतरात्मा की, उसकी बहुलता की एक धवल धरोहर है। यह सांकेतिक ताज आज खतरे में है। उसको बचाए रखना बहुत ज़रूरी है।
    मजहबी दर्द को गांधी दूर करता गया। दुनिया जानती है, गांधीवादी नहीं जानते हैं। गांधीवादी उस गांधी को चाहते हैं जो कि सुविधाजनक है। राजनीतिज्ञ उस गांधी को चाहते हैं जो कि और भी अधिक सुविधाजनक है। आज उस असुविधाजनक गांधी का पुन: आविष्कार करना चाहिए, जो कि कड़वे सच बताए, खुद को भी और औरों को भी। 
    अंत में तीसरी बात लोकतंत्र की। हमारी जो पीड़ा है, वह शोषण से पैदा हुई है, लेकिन आज विडंबना यह है कि उस शोषण से उत्पन्न पीड़ा का भी शोषण हो रहा है। यह है हमारा ज़माना। लेकिन अगर हम अपने पर विश्वास रखें और अपने पर स्वराज लाएँ को हमारा ज़माना बदलेगा। खुद पर स्वराज तो हम अपने अनेक प्रयोगों से पा भी सकते हैं। लेकिन उसके लिए अपनी भूलें स्वीकार करना, खुद को सुधारना बहुत आवश्यक होगा।

    (क) संसार में भारत को जाना जाता है-
        (i) ताजमहल के सौन्दर्य के आकर्षण के कारण
        (ii) महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्य के कारण
        (iii) ताज, महात्मा गांधी और लोकतंत्रीय प्रणाली के कारण
        (iv) अपनी धवल धरोहर के कारण

    (ख) लेखक गांधी के किस रूप को अपनाने की बात कहता है-
        (i) जो सुविधाजनक हो
        (ii) जो कटु सत्य कहने में पीछे नहीं हटे
        (iii) जो मजहबी दर्द पर मरहम लगाए
        (iv) जो सत्य  और अहिंसा का पाठ पढ़ाए
       
    (ग) लोकतंत्र में भी हमारी पीड़ा का कारण है
        (i) शोषण 
        (ii) उपेक्षा
        (iii) सरकारें
        (iv) अविश्वास
      
    (घ) 'खुद पर स्वराज' कैसे लाया जा सकता है?
        (i) जब सब जगह अपना राज हो
        (ii) लोकतंत्र को बढ़ावा देकर
        (iii) अपनी गलतियाँ मानकर और स्वयं को सुधार कर
        (iv) भ्रष्टाचार को रोककर

    (ङ) गद्यांश के लिए उचित शीर्षक होगा-
        (i) धवल धरोहर
        (ii) भारत
        (iii) सौंदर्य का प्रतीक ताजमहल
        (iv) हमारी पहचान 

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  • Q3

    प्रश्न-3. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए-
    कोलाहल हो,
    या सन्नाटा, कविता सदा सृजन करती है, 
    जब भी आँसू 
    हुआ पराजित, कविता सदा जंग लड़ती है। 
    जब भी कर्ता हुआ अकर्ता,
    कविता ने जीना सिखलाया
    यात्राएँ जब मौन हो गईं
    कविता ने चलना सिखलाया।
    जब भी तम का
    जुल्म चढ़ा है, कविता नया सूर्य गढ़ती है,
    जब गीतों की फसलें लुटतीं
    शीलहरण होता कलियों का, 
    शब्दहीन जब हुर्इ चेतना
    तब-तब चैन लुटा गलियों का। 
    जब कुर्सी का
    कंस गरजता, कविता स्वयं कृष्ण बनती है।
    अपने भी हो गए पराए, यूँ झूठे अनुबंध हो गए 
    घर में ही वनवास हो रहा 
    यूँ गूँगे संबंध हो गए।

    (क) कविता को सृजनात्मक कहा गया है क्योंकि कविता 
        (i) हर परिस्थिति में सर्जक की भूमिका निभाती है।
        (ii) गुणों की सराहना करती है
        (iii) मौन यात्रा कराती है
        (iv) कवि का विश्वास दृढ़ करती है

    (ख) 'कविता सदा जंग लड़ती है' का भाव है-
        (i) कविता में हारे हुए को सांत्वना देने की क्षमता है
        (ii) कविता संघर्ष की प्रेरणा देती है
        (iii) कविता चुनौती स्वीकार करने को बाध्य करती है
        (iv) कविता आनंद देती है।
      
    (ग) कविता जीना कब सिखाती है?
        (i) जब कर्मठ अकर्मण्य हो जाता है
        (ii) जब लोग मौन साध लेते हैं
        (iii) जब लोग हार जाते हैं
        (iv) जब लोग संन्यास लेने की सोचने लगते हैं

    (घ) जब निराशा और अंधकार पाँव पसारता है तब प्रेरणा कहाँ से मिलती है?
        (i) स्वयं से
        (ii) समस्याओं से 
        (iii) लोगों से 
        (iv) कविता से

    (ङ) 'परस्पर संबंधों में दूरियाँ बढ़ने लगीं'- यह भाव किस पंक्ति में आया है?
        (i) यूँ गूँगे संबंध हो गए
        (ii) शब्दहीन हुई अब चेतना
        (iii) यात्राएँ जब मौन हो गईं
        (iv) जब गीतों की फसलें लुटतीं 

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  • Q4

    प्रश्न-4. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए-
    जनता? हाँ, मिट्टी की अबोध मूरतें वही,
    जाड़े-पाले की कसक सदा सहनेवाली,
    जब अंग-अंग में लगे साँप हों चूस रहे,
    तब भी न कभी मुँह खोल दर्द कहनेवाली।

    मानो, जनता हो फूल जिसे एहसास नहीं,
    जब चाहो तभी उतार सजा लो दोनों में;
    अथवा कोई दुधमुँही जिसे बहलाने के
    जंतर-मंतर सीमित हों चार खिलौनों में।

    लेकिन, होता भूडोल, बवंडर उठते हैं,
    जनता जब कोपाकुल हो भृकुटी चढ़ाती है;
    दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो,
    सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।

    हुंकारों से महलों की नींव उखड जाती,
    साँसों के बल से ताज हवा में उड़ता है;
    जनता की रोके राह, समय में ताब कहाँ?
    वह जिधर चाहती, काल उधर ही मुड़ता है।

    सबसे विराट जनतंत्र जगत का आ पहुँचा,
    तैंतीस कोटि-हित सिंहासन तैयार करो;
    अभिषेक आज राजा का नहीं, प्रजा का है,
    तैंतीस कोटि जनता के सिर पर मुकुट धरो। 

    आरती लिये तू किसे ढूँढ़ता है मूरख,
    मंदिरों, राजप्रासादों में, तहखानों में?
    देवता कहीं सड़कों पर मिट्टी तोड रहे,
    देवता मिलेंगे खेतों में खलिहानों में। 

    (क) कवि ने भारतीय जनता की सहनशीलता का वर्णन किस रूप में किया है?
        (i) भारतीय जनता सभी अत्याचार सहती है।
        (ii) वह हाथ जोड़े हर आज्ञा मानती है।
        (iii) वह मिट्टी की मूरत बनी आवाज नहीं उठाती।
        (iv) नासमझी के कारण सहनशील बनी रहती है।
        
    (ख) 'अथवा कोई दुधमुँही जिसे बहलाने के जंतर-मंतर सीमित हों चार खिलौनों में' कथन का क्या भाव है?
        (i) जनता को लालच देकर फुसलाया जा सकता है।
        (ii) भारतीयों को किसी लालच से फुसलाया नहीं जा सकता है।
        (iii) भारतीय जनता बच्चे के समान कमजोर नहीं है।
        (iv) भारतीय जनता बहुत सीधी है उसे बहलाना कठिन नहीं है।

    (ग) जनता के क्रोध का क्या परिणाम होता है?
        (i) भ्रांति
        (ii) शांति
        (iii) क्रांति
        (iv) अशांति
      
    (घ) 'प्रजा का अभिषेक होने' का क्या तात्पर्य है?
        (i) जनता के हाथ में सत्ता सौंपना
        (ii) राजाओं को अपदस्थ करना
        (iii) पर्याप्त वर्षा होना
        (iv) लोकतंत्र से दूरी रखना
      
    (ङ) आम आदमी को 'देवता' कहा गया है क्योंकि-
        (i) वह देवता जैसा सरल व गुणवान है।
        (ii) उसका परिश्रम वंदनीय है।
        (iii) उसने देवता जैसा काम किया है। 
        (iv) उसे मुकुट पहनाया गया है। 

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  • Q5

    प्रश्न-5 निर्देशानुसार उत्तर दीजिए-
        (क) अपने आत्मकथ्य के बारे में मन्नू भंडारी ने उन व्यक्तियों और घटनाओं के बारे में लिखा है जो उनके लेखकीय जीवन से जुड़े हैं। (रचना के आधार पर वाक्य-भेद लिखिए)
        (ख) स्त्री-पुरुषों ने मिलकर आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया। (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)
        (ग) इन लोगों की छत्र-छाया हटी और मुझे अपने वजूद का एहसास हुआ। (सरल वाक्य में बदलिए) 

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  • Q6

    प्रश्न-6. निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तित कीजिए-
        (क) अनेक श्रोताओं ने कविता की प्रशंसा की।    (कर्मवाच्य में)
        (ख) परीक्षा के बारे में अध्यापक द्वारा क्या कहा गया?  (कर्तृवाच्य में)
        (ग) हम इतनी गर्मी में नहीं रह सकते।    (भाववाच्य में)
        (घ) चलो, आज मिलकर कहीं घूमा जाए।    (कर्तृवाच्य में) 

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  • Q7

    प्रश्न-7. रेखांकित पदों का पद-परिचय दीजिए-
    आजकल हमारा देश प्रगति के मार्ग पर बढ़ रहा है। 

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  • Q8

    प्रश्न-8 (क) काव्यांश का रस पहचानकर उसका नाम लिखिए-
      (i) कहत नटत रीझत, खिझत, मिलत, खिलत, लजियात।
          भरे भौन में करत हैं नैनन ही सों बात 

      (ii) जगी उसी क्षण विद्युज्ज्वाला,
           गरज उठे होकर वे क्रुद्ध;
         '' आज काल के भी विरुद्ध है 
            युद्ध-युद्ध बस मेरा युद्ध।''
      
    (iii) कौरवों को श्राद्ध करने के लिए
         या रोने को चिता के सामने,
        शेष अब है रह गया कोई नहीं,
        एक वृद्धा, एक अंधे के सिवा।

    (ख) काव्यांश में कौन-सा स्थायी भाव है?
         संकटों से वीर घबराते नहीं,
        आपदाएँ देख छिप जाते नहीं।
        लग गए जिस काम में, पूरा किया
        काम करके व्यर्थ पछताते नहीं। 

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  • Q9

    प्रश्न-9 निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए- 

    आए दिन विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के जमावाड़े होते थे और जमकर बहसें होती थीं। बहस करना पिता जी का प्रिय शगल था। चाय-पानी या नाश्ता देने जाती तो पिता जी मुझे भी वहीं बैठने को कहते। वे चाहते थे कि मैं भी वहीं बैठूँ सुनूँ और जानूँ कि देश में चारों ओर क्या कुछ हो रहा है। देश में हो भी कितना कुछ रहा था। सन् 42 के आन्दोलन के बाद से तो सारा देश जैसे खौल रहा था, लेकिन विभिन्न राजनैतिक पार्टियों की नीतियाँ उनके आपसी विरोध या मतभेदों की तो मुझे दूर-दूर तक कोई समझ नहीं थी। हाँ, क्रांतिकारियों और देशभक्त शहीदों के रोमानी आकर्षण, उनकी कुर्बानियों से ज़रूर मन आक्रांत रहता था।

    (क) लेखिका के पिता लेखिका को घर में होने वाली बहसों में बैठने के लिए क्यों कहते थे?
    (ख) घर के ऐसे वातावरण का लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा?
    (ग) देश में उस समय क्या कुछ हो रहा था?
    अथवा
    संस्कृति के नाम से जिस कूड़े-करकट के ढ़ेर का बोध होता है, वह न संस्कृति है न रक्षणीय वस्तु। क्षण-क्षण परिवर्तन होने वाले संसार में किसी भी चीज़ को पकड़कर बैठा नहीं जा सकता। मानव ने जब-जब प्रज्ञा और मैत्री भाव से किसी नए तथ्य का दर्शन किया है तो उसने कोई वस्तु नहीं देखी है, जिसकी रक्षा के लिए दलबंदियों की ज़रूरत है।
    मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है और उसमें जितना अंश कल्याण का है, वह अकल्याणकर की अपेक्षा श्रेष्ठ ही नहीं स्थायी भी है।

    (क) लेखक ने किस संस्कृति को संस्कृति नहीं माना है और क्यों?
    (ख) प्रज्ञा और मैत्री भाव किस नए तथ्य के दर्शन करवा सकता है और उसकी क्या विशेषता है?
    (ग) मानव संस्कृति की विशेषता लिखिए। 

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  • Q10

    प्रश्न-10. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-
     (क) वर्तमान में स्त्रियों का पढ़ना क्यों ज़रूरी माना गया है, स्पष्ट कीजिए।

     (ख) पुराने नियमों, रूढ़ियों और परंपराओं को तोड़ना कब और क्यों आवश्यक हो जाता है?

     (ग) हजारी प्रसाद द्विवेदी स्त्री शिक्षा का पुरजोर समर्थन करते हैं। उनके दो तर्कों का उल्लेख कीजिए।

     (घ) बिस्मिल्ला खाँ काशी क्यों नहीं छोड़ना चाहते थे? कोई दो कारण लिखिए।

     (ङ) बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?
          आप इनमें से किन विशेषताओं को अपनाना चाहेंगे?  कारण सहित किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए। 

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  • Q11

    प्रश्न-11. निम्नलिखित काव्यांश के आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
    तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा। बार बार मोहि लागि बोलावा।
    सुनत लखन के बचन कठोरा। परसु सुधारि घरेउ कर घोरा।।
    अब जनि देइ दोसु मोहु लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू।।
    बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब येहु मरनिहार भा साँचा।।
    (क) लक्ष्मण के किस कथन से उनकी निडरता का परिचय मिलता है?
    (ख) परशुराम ने सभा से किस कार्य का दोष उन्हें देने के लिए कहा?
    (ग) परशुराम क्यों क्रोधित हो गए?

    अथवा
    गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में
    खो चुका होता है 
    या अपने ही सरगम को लाँघकर 
    चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में 
    तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है
    जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान
    जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
    जब वह नौसिखिया था
    (क) भटके स्वर को संगतकार कब सँभालता है और मुख्य गायक पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
    (ख) यहाँ नौसिखिया किसे कहा गया है और किस संदर्भ में?
    (ग) संगतकार की भूमिका का महत्व कब सामने आता है? 

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  • Q12


    प्रश्न-12. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए-
    (क) 'छाया मत छूना' में कवि 'छाया'  किसे कहता है और क्यों?
    (ख) कवि ने 'छाया मत छूना' कविता में कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों की है?
    (ग) 'कन्यादान' कविता में किसके दुख की बात की गई है और क्यों?
    (घ) 'कन्यादान' कविता में माँ ने बेटी को क्या-क्या सीखें दीं?
    (ङ) 'कन्या' के साथ दान के औचित्य पर अपने विचार लिखिए? 

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  • Q13

    प्रश्न-13. आज की पीढ़ी द्वारा प्रकृति के साथ किस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है? इसे रोकने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? जीवन मूल्यों की दृष्टि से लिखिए। 

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  • Q14

    प्रश्न-14. किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर 250 शब्दों में निबंध लिखिए-
    (क) प्लास्टिक की दुनिया

    • प्लास्टिक की उपयोगिता
    • प्लास्टिक के नुकसान
    • उपसंहार

    (ख) मेरे जीवन का आदर्श

    • आदर्श व्यक्ति का परिचय, विशेषताएँ
    • प्रभावित होने के कारण
    • जीवन पर प्रभाव और निष्कर्ष

    (ग) व्यायाम और स्वास्थ्य

    • व्यायाम का महत्व
    • स्वास्थ्य पर प्रभाव
    • निष्कर्ष
     

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  • Q15

    प्रश्न-15. नीचे दिए गए समाचार को पढ़िए। इसे पढ़कर जो भी विचार आपके मन में आते हैं, उन्हें किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र के रूप में लिखिए:

     चिड़ियाघर में मौत
    मंगलवार को दिल्ली के चिड़ियाघर में सफेद बाघ के हाथों हुई एक युवक की मौत खुद में हृदयविदारक घटना है। ज़ू देखने आया कोई युवक सबके देखते-देखते ऐसी दुखदायी मौत का शिकार हो जाए, यह बात कल्पना से भी परे लगती है। इस घटना ने कई ऐसे ज्वलंत सवाल ला दिए हैं जिनकी लंबे समय से अनदेखी हो रही है। चिड़ियाघरों के प्रबंधन में लापरवाही की शिकायतें पहले से आती रही हैं, हालांकि उनका ऐसा हौलनाक नतीजा पहली बार आया है।  

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  • Q16

    प्रश्न-16. निम्नलिखित गद्यांश का एक-तिहाई शब्दों में सार लिखिए और शीर्षक भी दीजिए।

    साहित्य का आधार जीवन है। इसी नींव पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है। उसकी अटारियाँ, मीनारें और गुंबद बनते हैं, लेकिन बुनियाद मिट्टी के नीचे दबी पड़ी है। जीवन परमात्मा की सृष्टि है, इसलिए सुबोध है, सुगम है और मर्यादाओं से परिमित है। जीवन परमात्मा को अपने कामों का जवाबदेह है या नहीं, हमें मालूम नहीं, लेकिन साहित्य को मनुष्य के सामने जवाबदेह है। इसके लिए कानून है जिनसे वह इधर-उधर नहीं जा सकता। मनुष्य जीवनपर्यंत आनंद की खोज में लगा रहता है। किसी को वह रत्न द्रव्य में मिलता है, किसी को भरे-पूरे परिवार में, किसी को लंबे-चौड़े भवन में, किसी को ऐश्वर्य में, लेकिन साहित्य का आनंद इस आनंद से ऊँचा है। उसका आधार सुंदर और सत्य है। वास्तव में सच्चा आनंद सुंदर और सत्य से मिलता है, उसी आनंद को दर्शाना, वही आनंद उत्पन्न करना साहित्य का उद्देश्य है।
     

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